डाक्टर कुमार विश्वास

 

एक विडियो करीब सात महिने पहले हमने अपने चिट्ठे पर शायर बेनामके नाम से लगायाा था। यूटियूब पर उसे देखकर हम इतने प्रभावित हुए थे कि आप सब को दिखाने के लिए उसे वहाँ से उड़ा लाए थे। शायर/ कवि का नाम मालूम नहीं था सो जानकारों से इस विषय में जानकारी देने को कहा था। कुछ दिन बाद सागर भाई ने बताया कि कवि का नाम डॉ कुमार विश्वास है जो अपनी वाक्पटुता, विद्वता, और समयअवसर पर अपनी विराट स्मरणशक्ति के प्रयोग के कारण कविसम्मेलनों में काफी लोकप्रिय है।

आई.आई.टी और कॉरपरेटजगत के सचेत श्रोता हों अथवा कोटामेले में बेतरतीब फैला लाखों का जन समूह , प्रत्येक मंच को अपने संचालन से डॉ कुमार विश्वास इस तरह लयबद्ध कर देते हैं कि पूरा समारोह अपनी संपूर्णता को जीने लगता है। श्रोताओं को अपने जादुई सम्मोहन में लेने का उनका यही अदभुत कौशल, उन्हें समकालीन हिन्दी कविसम्मेलनों का सबसे दुलारा कवि बनाता है।

स्व० धर्मवीर भारती ने उन्हें हिन्दी की युवतम पीढ़ी का सर्वाधिक संभावनाशील गीतकार कहा था। महाकवि नीरज जी उनके संचालन को निशा नियामक कहते हैं और प्रसिद्ध हास्य कवि सुरेन्द्र शर्मा के अनुसार वे इस पीढ़ी के एकमात्र ISO 2006 कवि हैं।

इस जानकारी के मिलते ही हमारे हाथों से तोते उड़ गए। ऐसे प्रतिभाशाली जादूगर का माल उड़ाने के जुर्म में हम कोर्ट के नोटिस का इंतज़ार कर ही रहे थे कि एक दिन अपनी ईमेल की पेटी में डाक्टर विश्वास की चिट्ठी देखी। वे हमारे शहर में आ रहे थे और हमसे मिलना चाहते थे। हम निहाल हो गए। सोचा मक्खन लगा कर मामला पटा लेंगें। कवि तो संवेदनशील होता है, झट मान जाएगा। पर हाय री किस्मत। मेहमान आकर जा चुके थे और हम उन्हें चखाने को ख्याली पुलाव पका रहे थे।

असल में शहर से बाहर होने के कारण हमने अपना मेल बाक्स लगभग बीस दिन बाद खोला था। यानि डाक्टर विश्वास पधारे 23 जनवरी को और हमने उनकी मेल दस फरवरी को देखी। जवाबी मेल लिखने की हिम्मत न जुटा पाए क्योंकि एक तो समान उड़ाया और ऊपर से उनके शहर में आने पर हम अन्डरग्राऊन्ड हो गए। क्या मुँह लेकर उनसे चिट्ठीयाते। रोज़ मेल चेक न करने की अपनी बेवकूफी और आलसीपन को हमने जम कर कोसा और कसम खाई कि अब मरे चाहे जीएं पर दिन में दो बार मेल अवश्य चेक करेंगें।

मेलबाक्स के चक्कर लगाते और वहाँ पर मौजूद कचरे को हटाते बहुत दिन बीते। कई दिन बाद दिमाग की बत्ती जली कि क्यों न विश्वास सहिब के हिस्से का मक्कखन सीधे ऊपर हेडक्वार्टर में भगवान के पास पहुँचा दें। अल्ला मेहरबान तो मुझ जैसा बंदा भी पहलवान। बस अगली सुबह से रोज़ मन्दिर में असली घी का दीया जलाना शुरू कर दिया, अच्छे चढ़ावे का वायदा किया और तुरत फुरत उसका अंजाम भी देख लिया। बेकार में लोग कहते है कि भगवान के घर में देर है। हमारे मेलबाक्स में तो भगवन् ने डाक्टर कुमार विश्वास का मेल दो हफ्ते बाद ही टपका दिया था। इस मेल में उन्होंने हमें धन्यवाद दिया था, क्योंकि उनका विडीयों हमने अपने ब्लाग पर लगा कर उन्हें ढेर से प्रशंसकों से आसानी से मिलवा दिया था। यही नहीं, उन्होंने उनकी नई प्रकाशित किताब कोई दिवाना कहता हैमय औटोग्राफ के हमें भेजने की पेशकश भी की थी। लो जी हींग लगी न फिटकरी और रंग जम गया चोखा। तभी कहा जाता है कि वो देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है। सब ऊपर वाले की माया है।

परसों कोरियर से किताब हम तक पँहुच गई है। अब जब तक हम उसे पढ़ कर समीक्षा तैयार करते है, आप उचित मात्रा में मक्खन या घी जमा करें, मन्दिर का रुख करें, दीए की लौ ऊँची करें और बोलेंजय कृपानिधान तू बढ़ा बलवान।।

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33 responses to “डाक्टर कुमार विश्वास

  1. जय कृपानिधान तू बढ़ा बलवान।।
    —बोल दिया जी. आप तो फटाफट समीक्षा लिखें. इन्तजार लगवा दिया. डॉक्टर साहब से फोन पर और ईमेल से बात करने का सौभाग्य हम भी प्राप्त कर चुके हैं मगर हमारे पास किताब नहीं पहुँची. 😦

  2. रत्नादी
    जरा डॉ साहब से हमारी भी सि्फारिश कर देवें, ( क्या पता पुस्तक नहीं तो ऒटोग्राफ ही मिल जावें) क्यों कि डॉ साहब को चिट्ठा दुनियाँ में परिचय करवाने के लिये हमने भी काफी मशक्कत करी है। 🙂

  3. डा साहब से कभी मिले नहीं हैं पर, फोन पर बात करने का सौभाग्य हमें भी प्राप्त हुआ है। उनकी बातें कि “हिन्दी भाषा की शक्ति को जन जन तक पंहुचाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।” तथा “नए समय के साथ रचनाओं में भी नए तेवर और नई अभिव्यक्ति की आवश्यकता होती है।” आज तक मन के निकट डेरा डाले बैठी हैं। सुनते थे कि उनका अमेरिका भ्रमण का प्लान बन रहा था पर फिर कोई सूचना नहीं प्राप्त हुई। बाकी पुस्तक हमने भी नहीं देखी है अभी पर वीडियो जबरदस्त है।
    रत्ना जी की समीक्षा का इंतजा़र रहेगा।

  4. चिठ्ठे का हेडिंग बड़ा डिसीव करता है. हम समझे कि “डाक्टर कुमार विश्वास” कोई ड़यटीशियन होंगे और लो केलोरी रेसिपी बता रहे होंगे. ये तो कवि निकले. चोट हो गयी! यू ट्यूब देखा नहीं इसलिये उसपर टिप्पणी नहीं कर पायेंगे. समीक्षा का इंतजा़र रहेगा।

  5. रत्ना जी, क्या कमाल के कवि हैं ये। सचमुच मज़ा आ गया। आपका ब्लॉग पता अब मेरे साईट पर भी है।

  6. दो महीने पहले कुमार विश्वास साहब हमारे कालेज में आये थे. गजब की प्रतिभा है उनमें. हिन्दी कविता को आज की युवा पीढी में लोकप्रिय करने में उनका अतुल्य योगदान है, हमारे यहां तो फिल्मी गानो से ज्यादा उनके गाने चलते हैं.

  7. कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है,मगर धरती की बैचेनी को बस बादल समझता है।
    तू मुझसे दूर कैसी है, मैं तुझसे दूर कैसा हूँ,ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है।
    **** http://www.kumarvishwas.com ****
    :Dr Kumar Vishwas is one of the most promising poet of the new upcoming generation of Hindi poets.With his loquacity, panache and sheer intellect in his poems he has regaled the audience all over the country. His stage performances are unmatched in their spontaneity and intensity.He is the most respectable name in the field of poetry today, apart of freshness and purity the most surprising package associated with his creation is his ability to fill the so called gap between mass and class, While the soothing effect warmth and depth of his creations hypnotizes the intellectual audience of IITS and IIMsand makes him the most adorable poet among the technocrats, then the simplicity and his magical voice makes him the most popular poet among the down-to-earth, massive and huge-spread audience of kavisammelans

    SO JOIN HR AAL OF U POETRY LOVERS PLZZZZZZZZZZZZZZZZZZZZZZZZZZZZZZ

    http://www.orkut.com/Community.aspx?cmm=23427391

  8. नमस्कार मित्रों
    आप सब की दीवानगी देखी श्रद्धेय श्री कुमार विश्वास जी के प्रति …विश्वास कीजिये मन को अपार प्रसन्नता हुई है
    श्रद्धेय श्री कुमार विश्वास जी इस समय भारतीय युवाओं के सब से लोक प्रिय कवि हैं
    एक समय था की जब कवि सम्मेलनों से युवा श्रोता लगभग गायब से होते जा रहे थे और हिंदी कविता और कवि सम्मेलनों को वृद्धों के लिए एक समय व्यतीत का साधन मात्र कहा जाता था ..
    किन्तु जब से श्री कुमार विश्वास जी हिंदी कविता के मंच पर आये हैं तब से युवाओं का रुख़ भी कवि सम्मेलनों की तरफ हुआ है आज हिन्दी कविता युवाओं मैं लोकप्रिय हुई है तो इसका सारा गौरव श्री कुमार विश्वास जी को जाता है
    श्रद्धेय श्री कुमार विश्वास एक ऐसा नाम है जिसके सम्मान में और जिस की प्रशंशा में शब्दो का असीमित भण्डार भी कम पड़ जाता है

  9. Dr. Viswas ki kavita’ koi diwana kahta hai’ sunne ka saubhagya jabse mujhe mila hai mere hotho par har samaya ye panktiya goonjati rahti hain. aur najare harvakta aur ki talas me rahti hain.

  10. डॉ. कुमार विशवास जी को जन्मदिन कि हार्दिक-हार्दिक शुभकामनायें…….
    १० फरवरी “वसंत-पंचमी” के पवन दिन जन्म लेकर आपकी पवन कविताओं ने हिन्दी कविता जगत को और भी पवन कर दिया है, आपकी पंक्तियाँ,-
    “मोहब्बत एक अहसासों कि पवन सी कहानी है”
    कोई कैसे भूल सकता है, आपकी इन पवन भावनाओ को मेरा नमन……
    मैं अपने बारे में क्या कहू, बस आपका एक प्रशंसक हूँ, कुछ कहने कि हिम्मत कर रहा हूँ-

    दिलवालों कि दुनियाँ में अपना भी मुकाम है
    अपनों को खुश रखना ही मेरा काम है
    यूँ ही सुनकर कैसे समझ पायेंगें आप
    ‘नितिन’ तो बस एक अहसास का नाम है
    बस आप सदैव स्वस्थ और प्रसन्नचित रहे तथा
    हिन्दी कविता जगत का नाम और भी रोशन करें
    इन्ही शुभकामनाओं के साथ-

    आपका-
    नितिन कुमार शर्मा
    जुमेराती, काली मंदिर के पास
    होशंगाबाद, [म. प्र.]
    पिन:- 461001

  11. no doute you are the best poet in now days
    Dr. viswash
    “baasuri chali aao” ne dil chhu lia…

  12. kumar vishwas ji se mai bhi mila hu ek baar thele par chai pi thi dewas (m.p.) mai saath me…ek card bhi diya tha unhone apna…par kabhi phone par baat nahi hui ab tak…….unki kitab indore mai nahi mil pai ….kisi ko pata ho kaha milegi to plz bata dena mail id likha hai…….

  13. kumar vishwas ji maine jab bhi aapki wo rachana suni mai hamesa apne andar jhankane par majboor ho jata hun (basti basti ghor rdasi parbat parbat suna pan, man hira bemole lut gaya ghis ghis rita tan chandan) aapki ye rachana sachmuch dil ko chhu jane wali hai. mai puri rachana ek bar apke mukh se sunana chahata hun. sachmuch dil ki dhakan bdha dene wali rachana hai.

  14. main aapka bahut bada fan hu.. aapki kavita mere jeeewan mein ek naya mod leker aayi hai aur main aapki tarah dard ka shya ban gaya hu,,, aap jaisa mahan to nahi per hek tak likh leta hu…aapki dua rahi to main bhi aapko kuch dard k sath kavita bhejunga… thank u si

  15. Dr. Kumar Vishwas ji ke liye jo bhi accha kaha jaaye wo kam hai, bas yun samajh leejiye ki Suraj ko diya dikhane wali baat hai….. Ishwar kare unhe meri umar lag jaaye kyunki wo shayad Hindi ko phir se wo sthaan dila saken humaare desh me jo usse kabhi mila tha……Vishwas ji ko shat shat Naman

  16. are yaar tumhaari likheei huyei kavetaa caheye knhaa par melegi batane kaa kast karooooo

  17. Dosto,
    Apne priya kavi ke baare mai aaplogo mai itnee prashanshaa kaa bhav man mudit hone kaa paryaapt kaaran hai. Mujhe khushee hai ki jise 1995 kee ek ratri ko apnaa dost banayaa thaa vo 13 saal mai itnaa badaa kavi ho gaya ki jab kisee ko mai ye kahtaa hoon ki Dr kumaar mere dost hain ( vo hameshaa mujhe bada bhai maante rahe hain jo unkaa abugrah hai ) log sahsaa viswaas nahee karte. Khair Bahut khushee aur unmatt bhav se kahtaa hoon. Dr Kumar Viswaas ko aap jitnaa jaan paaoge utnaa hee vo ajane rah jaayenge. Kamse kam mera to yahee khayaal hai.

  18. yaar unke andar ek gajab ki art hai ki vo listeners ko bandh ke rakhte hai koi hilne ki bhi nahi sochta hai bas man to kho jata hai kuch sochne par majboor ho jata hai maine kal hi unhe suna hai aur abhi tak ek ek bat mere dimag par gunj rahi hai……
    aur ek khasiyat unme mujhe achi lagi ki vo sammelan ka masala listners ko dhyan me rakh kar banate hai ki unko kya acha lagega…..
    ab unka aisa fan hu ki kya batau……bas hu

  19. ******* HAPPY BIRTH DAY *******
    Dr. KUMAR VISWAS SAHAB KO JANM-DIVAS KI HARDIK-HARDIK SHUBHKAMNAYEN…..
    BASANT-PANCHMI KI BHI SHUBHKAMNAYEN…………..

    Nitin Sharma
    Hoshangabad [ M. P. ]

  20. Hey from Toronto, Canada

    Just a quick hello from as I’m new to the board. I’ve seen some interesting posts so far.

    To be honest I’m new to forums and computers in general 🙂

    Mike

  21. DEAR SIR I’M SECOND TIME GEVI YOU COMMENT. I AM COMPLETED MY SIX POEM SO PLS GUIDE ME WHAT I DO ? B,COZ YOUR A ONCE MEDIA FOR ME MY POEM I’LL REACHED MY LOSS LOVE.PREET

  22. Если у Вас : ломит спину или ощущаются боли в шее или позвоночник болит или поясница болит то вам поможет материл размещенный на нашем сайте боли +при остеохондрозе и возможно Вас заинтересует секреты по излечению остеохондроза (и не только) с помощью методики АСТРЕЯ.

  23. Kumar ji ki sari kavitaye mene padi h me unka bhut bda fen hu or ek bar me unse mila bhi hu …

    sanjay
    Bhopal

  24. kumar ji aapka raipur ka program me aapki rachna.. कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है, मगर धरती की बैचेनी को बस बादल समझता है।
    तू मुझसे दूर कैसी है, मैं तुझसे दूर कैसा हूँ,ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है। bahut hi dil ko chhu liya… thanks for you and all the best…

  25. tumhen diwana khta hai wo mera dil hai o dilbr;
    bde mgroor lgte ho drd pdhte jb hskr,
    dhrti ki bechaini ko badl smjhe n a smjhe;
    mgr hmne tumhen smjha tumhare sher ab pdhkr;

  26. Heya superb blog! Does running a blog like this take a large amount of work?
    I’ve virtually no understanding of coding but I was hoping to start my own blog in the near future. Anyways, should you have any ideas or techniques for new blog owners please share. I know this is off subject however I simply wanted to ask. Kudos!

  27. vishwash sahab kabhi hame bhee ek mail kar de …….
    o bhul kar bhee yad nahi karte h kabhee hamne to unki yad me khud ko mita diya……………………

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